इंद्रा एक्सप्रेस नेटवर्क 

>साइबर थाना प्रभारी की सतर्कता से पीड़िता के खाते में 12 लाख रूपये हुये वापस।

>शादी में महंगे उपहार के नाम पर की गयी थी ठगी।

आजमगढ़। साइबर क्राइम पुलिस ने सोशल मीडिया पर लोगो से दोस्ती कर महंगे गिफ्ट फोन, डायमंड नेकलस व करोड़ों रुपये देने के बहाने साइबर ठगी करने वाले गैंग के सदस्यों से पीड़ित के बैंक खाते में 12 लाख रूपये वापस कराया।पुलिस के अनुसार एक पीड़िता ने 14 मई 2023 को थाने में प्रार्थना पत्र दिया की इंस्ट्राग्राम पर लावरेनेश माइकल ने दोस्ती कर मेरे शादी में महंगे उपहार देने के नाम पर मुझसे करीब 32 लाख रूपये की साइबर धोखाधड़ी की गयी हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।उक्त अपराध के सफल अनवारण एंव अभियुक्तो की गिरफ्तारी एवं ठगी हुए पैसों को वापस दिलाने हेतु विशेष पुलिस महा निदेशक साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ द्वारा 20 जुलाई 2023 को साइबर क्राइम थाना आजमगढ़ को स्थानांतरित किया गया था।मुकदमे का त्वरित निस्तारण अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं फ्रॉड हुए पैसे की रिकवरी हेतु पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशानुसार व अपर पुलिस अधीक्षक विवेक पाण्डेय के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना निरीक्षक विमल प्रकाश राय के नेतृत्व व मुख्य आरक्षी मनीष सिंह के सहयोग से उक्त अभियोग की विवेचना से 3 नाईजीरियन शातिर साइबर अपराधी को दिल्ली से गिरफ्तार कर उसके 7 अन्य सहयोगियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायलय सी.जी.एम. के समक्ष प्रस्तुत किया गया है तथा अपराधियों के बैंक खाते से वादिनी के बैंक खाते में फ्रॉड हुए 12 लाख रूपये को जाँच के बाद साइबर क्राइम थाना आजमगढ़ द्वारा वापस कराया गया है। पीड़िता द्वारा साइबर क्राइम थाना आज़मगढ़ द्वारा किये गए कार्य की सराहना की गई एवं ठगी हुए 12 लाख रूपये वापस मिलने पर आभार जताया।
वहीं साइबर थाना प्रभारी रानी की सराय विमलेश राय लगातार लोगों को जागरुक करते रहते हैं। किसी भी लाभ के चक्कर में आम आदमी ना पड़े, ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो आपके बिना किसी लाभ के बहुत बड़ी रकम देने को तैयार हो जाय। यह सब झांसा है और उन लोगों के झांसी में जो लोग आते हैं, सिवाय पछताने के कुछ जमाने के और उनके हाथ कुछ नहीं लगता है, इसलिए सतर्क रहें सजग रहे हैं और पुलिस प्रशासन को जो भी घटना आपके साथ घटे, बताने का प्रयास करें। पीड़ित महिला को कोई उम्मीद नहीं थी लेकिन पुलिस की सतर्कता और भाग दौड़ के कारण अपराधी पुलिस की हत्थे चढ़ चुके और पीड़ित महिला को 12 लाख खाते में मिल गए। इसके लिए पूरी जिम्मेदार पुलिस प्रशासन की टीम महिला की तरफ से बधाई की पात्र भी है।