इंद्रा एक्सप्रेस नेटवर्क
केराकत, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के बाबा घाट (नालापार) निवासी लेखक शक्तिमान मिश्रा की नारी जीवन की अनकही पीड़ा, मौन संघर्ष और अटूट आत्मबल को स्वर देने का प्रयास करता काव्य संग्रह 'अनहद' जो कभी न टूटा, मंगलवार को ऑनलाइन फ़्लिफ कार्ड और एमेजॉन प्लेटफॉर्म पर लांच कर दिया गया। इस संवेदनशील और भावनात्मक साहित्यिक प्रस्तुति का विमोचन आगामी 26 फरवरी को प्रस्तावित है।लेखक का मानना है कि यह कृति केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन भावनाओं की गूंज है जो नारी जीवन के भीतर निरंतर प्रवाहित होती रहती हैं और परिस्थितियों के बावजूद कभी नहीं टूटती है।इस काव्य संग्रह में नारी जीवन से जुड़े सामाजिक अन्याय, रिश्तों की जटिलताएँ, आत्म सम्मान, त्याग और संघर्ष जैसे विषयों को गहराई और सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक पाठकों को संवेदनाओं की ऐसी यात्रा पर ले जाती है,जहाँ वे नारी जीवन की पीड़ा और शक्ति दोनों को एक साथ महसूस कर सकते हैं। यह कृति समाज की हर माँ, हर बहन और हर स्त्री को समर्पित है। उनका विश्वास है कि इस पुस्तक का अध्ययन प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए, विशेष रूप से महिलाओं को, ताकि उनके अंतर्मन को नई शक्ति और आत्मविश्वास प्राप्त हो सके।बता दें कि लेखक शक्तिमान मिश्र साहित्य, कला और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वे एक लेखक, प्रेरक वक्ता, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी रचनाएँ समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करने का प्रयास करती हैं। उनकी यह कविता न केवल साहित्यिक दृष्टि से एक सशक्त कृति है, बल्कि यह समाज में नारी सम्मान और सशक्तिकरण के संदेश को भी मजबूती से प्रस्तुत करती है।