इंद्रा एक्सप्रेस नेटवर्क
जौनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील शशि के निर्देशन और सचिव सुशील सिंह की देख—रेख में विधिक साक्षरता जागरूकता सेमिनार का आयोजन बीआरपी इंटर कॉलेज में हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती मां की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ जिसके बाद सचिव सुशील सिंह ने जिला प्राधिकरण के कार्यों को विस्तार से समझाते हुये बताया कि यहां पर पीड़ित प्रताड़ित और जेल में बंद लोगों को महिलाओं और लड़कियों को नि:शुल्क विधिक सहायता और परामर्श दिया जाता है। उन्होंने अनुशासन पतंग में चीनी मंझा का प्रयोग न करने, कन्या भ्रूण हत्या एवं महिला सशक्तिकरण के बारे में विस्तार से बताया।इसी क्रम में डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप सिंह ने महिला सशक्तिकरण के बारे में बताया कि प्राचीन काल में भारत में महिला और पुरुष में कोई भी विभेद नहीं था। गार्गी, मैत्री, अपाला, अरुंधति, अनसूइया, सीता, सावित्री, नर्मदा जैसे महान नारियों और वर्तमान समय की डॉ. कल्पना चावला, डॉ. सुनीता विलियम्स, पीटी उषा, मैरी कॉम, साइना नेहवाल, पीवी सिंधु के बारे में बताते हुए कहा कि यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता। एक नहीं, बल्कि दो—दो मात्रा से भारी नारी होती है। उन्होंने कहा कि यदि नारियां संकल्प कर लें तो दहेज इत्यादि प्रथम अपने आप समाप्त हो जाएगी।वहीं काउंसलर देवेंद्र यादव ने परिवार न्यायालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में विस्तार से बताते हुये उन्होंने मध्यस्थता केंद्र लीगल एड डिफेंस सिस्टम और फ्रंट ऑफिस के बारे में जानकारी दिया। बाल संरक्षण अधिकारी ने बाल विवाह न करने की शपथ दिलाते हये बच्चों से संबंधित उनके बारे में बताया। विद्यालय की छात्राओं ने महिला संगीत शिक्षिका के निर्देशन में सुंदर गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विमल श्रीवास्तव ने किया। अन्त में प्रधानाचार्य डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव ने सभी के प्रति आभार जताया।इस अवसर पर शिक्षक प्रकाश चंद्र यादव, समस्त शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, प्राधिकरण के सुनील मौर्य, डाटा एंट्री ऑपरेटर शिवशंकर सिंह, पीएलबी सुभाष यादव, राकेश यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।