इंद्रा एक्सप्रेस नेटवर्क
आजमगढ़। सरायमीर पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए बाजार में भटक गई 3 वर्षीय बच्ची को सकुशल उसकी मां से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है। बुधवार को थाना सरायमीर क्षेत्र के महाजनी टोला कस्बा में भ्रमण के दौरान आरक्षी संजीव यादव को बच्ची रोती हुई और लावारिस अवस्था में मिली। पुलिसकर्मी ने तत्काल आस—पास के लोगों से बच्ची के परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।इसके बाद बच्ची को सुरक्षा की दृष्टि से थाना सरायमीर लाया गया। पुलिस टीम ने तत्परता से जांच-पड़ताल कर बच्ची के परिजनों का पता लगाया। जांच में बच्ची की मां सना बानो पत्नी अबू मोहम्मद निवासी मसगुदिया, थाना फूलपुर की पहचान हुई।पूछताछ में सना बानो ने बताया कि वह अपनी पुत्री के साथ सरायमीर बाजार में खरीदारी करने आई थीं। इसी दौरान बच्ची उनका हाथ छुड़ाकर भीड़ में कहीं चली गई जिससे वह उससे बिछड़ गई थीं।थाना सरायमीर पुलिस ने बच्ची को सकुशल उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। अपनी पुत्री को सुरक्षित पाकर सना बानो ने आजमगढ़ पुलिस और सरायमीर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी मानवीय कार्यशैली की सराहना किया। इस सराहनीय कार्य में आरक्षी संजीव यादव एवं महिला आरक्षी रोशनी तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।