इंद्रा एक्सप्रेस नेटवर्क
आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन एवं अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम के प्रभावी पर्यवेक्षण में थाना रौनापार पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सोशल मीडिया अपराध के विरुद्ध प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए एक शातिर को गिरफ्तार कर लिया जो महिला की सामाजिक छवि को धूमिल करने में संलिप्त था। प्रकरण में एक महिला द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना रौनापार पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त द्वारा योजनाबद्ध तरीके से साइबर माध्यम का दुरुपयोग कर महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुँचाई जा रही थी।गिरफ्तारी एवं बरामदगी का विवरण- साइबर सेल द्वारा किए गए तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्य संकलन एवं सर्विलांस के आधार पर अभियुक्त की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके उपरान्त थाना रौनापार पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा सरोजनी नगर क्षेत्र जनपद लखनऊ से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से 1 स्मार्ट मोबाइल (जिसका प्रयोग अपराध में किया गया), 1 फर्जी आधार कार्ड (नाम बदलकर उपयोग किया गया), सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित डिजिटल डेटा बरामद हुआ है।नाम बदलकर छिपे अभियुक्त का खुलासा- पुलिस के अनुसार अभियुक्त का नाम शादाब/शाहिद खान एवं अभिषेक तथा पिता का नाम असलम/राजेश रावत बताया गया। पहचान का आधार वास्तविक पहचान फर्जी आधार कार्ड मूल निवास जनपद आजमगढ़ लखनऊ (नाम बदलकर निवास) बताया गया। अभियुक्त पुलिस से बचने के उद्देश्य से फर्जी आधार कार्ड के सहारे नाम बदलकर लखनऊ में छिपकर रह रहा था।
अपराध का तरीका
अभियुक्त द्वारा पीड़िता की वास्तविक फोटो को प्राप्त कर उसे डिजिटल रूप से एडिट किया गया तथा अश्लील स्वरूप में परिवर्तित कर फर्जी सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से प्रसारित किया गया। साथ ही अभियुक्त द्वारा पीड़िता एवं उसके परिजनों को लगातार डराने-धमकाने का कार्य किया गया जिससे पीड़िता मानसिक रूप से प्रताड़ित रही।
पंजीकृत अभियोग का विवरण
थाना रौनापार पर धारा 351(4), 308(5), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस एवं 67 आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गयी।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
थाना रौनापार पुलिस टीम में निरीक्षक/विवेचक अशोक तिवारी, उ.नि. प्रशान्त पाण्डेय, अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। साथ ही साइबर सेल टीम के उ.नि. सागर रंगू प्रभारी साइबर सेल, मु.आ. ओम प्रकाश जायसवाल, मु.आ. मुकेश भारती, आरक्षी राहुल सिंह, आरक्षी सतेन्द्र यादव, आरक्षी श्याम साहनी शामिल रहे।