इंद्रा एक्सप्रेस नेटवर्क
>उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने की जमकर नारेबाजी।
>कार्यालय से सम्बद्ध लेखपालों को मुक्त करने की मांग।
केराकत, जौनपुर। एक लेखपाल के मनमाने निलंबन और दो महीने बाद भी आरोप पत्र जारी नहीं करने से क्षुब्ध तहसील भर के लेखपालों ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बाद में लेखपालों ने एसडीएम सुनील कुमार को 18 सूत्री मांगो का ज्ञापन सौपा।बयालसी परगना के छितौना दूबेपुर गांव के लेखपाल विनय पाण्डेय को एक भूमिधरी मामले में एसडीएम ने 21 अगस्त को निलंबित कर दिया था। लेखपाल यूनियन का आरोप है कि एसडीएम ने न केवल मनमाने ढंग से निलंबित किया बल्कि दो महीने बीत जाने के बाद भी उसमें आरोप पत्र नहीं जारी किया।इसके आलावा लेखपालों का आरोप है कि एसडीएम उन्हें सप्ताह में कई कई दिन मीटिंग बुलाकर उनका मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न करते हैं। उन्होंने कार्यालय से सम्बद्ध लेखपालों को मुक्त करने की मांग की। इसके आलावा उन्होंने 2023-2024 के आलाव का पैसा देने और राजस्व निरीक्षक हनुमंत तिवारी का लेखपालों से अक्सर अभद्र व्यवहार करने के चलते उनको कार्यालय से संबद्ध करने की भी मांग की है।
लेखपालों ने कहा कि नियमतः उनकी नियुक्ति किसी एक गांव के लिए होती है और उन्हें वेतन भी उसी का मिलता है लेकिन एसडीएम लेखपालों को एक से अधिक गावों की जिम्मेदारी सौंप देते हैं जिससे उनसे त्रुटि होना स्वाभाविक है। ऐसे में उन्हें सुधारने का मौका देने के बजाय दंडित किया जाता है। लेखपालों ने कहा कि अब से वे एक ही गांव की जिम्मेदारी संभालेंगे।प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष चन्द्रमोहन यादव ने किया। इस अवसर पर मंत्री रामेश्वर यादव, विनय पाण्डेय, अर्चना वर्मा, धनंजय सिंह, अलोक दीक्षित, अमीन खान सहित तमाम लेखपाल मौजूद रहे।