इंद्रा एक्सप्रेस नेटवर्क
जफराबाद, जौनपुर। सिरकोनी विकास खण्ड क्षेत्र के भगरी गांव निवासी सतिराम यादव को समाजवादी पार्टी द्वारा उत्तर पश्चिम मुंबई का जिलाध्यक्ष बनाया गया। जिलाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पैतृक गांव आने पर रास्ते मे जलालपुर में क्षेत्रीय लोगों ने माला फूल पहनकर गाजे बाजे के साथ स्वागत किया। लोगों ने कहा कि सतिराम जी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता है। उन्हें पार्टी ने सही जिम्मेदारी दिया है। उन्होंने हमेशा पार्टी के हित को ऊपर रखकर कार्य किया है।
स्वागत करने वालों में पूर्व प्रधान पांचू सरोज तथा कालिका प्रसाद ने कहा कि सतिराम जी काफी लोकप्रिय और मिलनसार व्यक्तित्व के हैं। सतिराम जी ने पहले भगरी गांव के प्रधान रहते हुए समाजसेवा किया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सतिराम जी ने बताया कि मुंबई प्रदेश अध्यक्ष अबू आसीम आजमी ने जिस विश्वास से यह जिम्मेदारी दिया है। मैं हमेशा पार्टी तथा प्रदेश अध्यक्ष के आदेशों का पालन करते हुए उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। जनता के लिए काम करूंगा। जब उनसे ऑटो एवं टैक्सी ड्राइवरों को मराठी न आने पर उनके परमिट एवं लाइसेंस रद्द किये जाने की बात पूछी गयी तो उन्होंने कहा कि मराठी एक स्थानीय भाषा है। मैं भी उसका सम्मान करता हूं लेकिन सरकार ने एकाएक आदेश जारी किया जो गलत है।उन्होंने कहा कि चालकों को कम से कम 6 महीने का समय देना चाहिए था, ताकि वह मराठी भाषा सीख सकें। उनके लिये क्लासेस भी चलवाना चाहिए था। इस तरह करने से लाखों गरीब ऑटो चालक और टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी चली जाएगी। उनका परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएगा। अगर सरकार उन लोगों को मराठी सीखने के लिए समय नहीं देती तो हाई कमान के निर्देशों का पालन करते हुए हम लोग इसका विरोध करेंगे।स्वागत करने वालों में मुनिल यादव, रामधारी यादव, रमेश यादव, कालिका प्रसाद, महेन्द्र यादव, अरुण यादव, गुड्डू यादव, अशोक कुमार, सुदीप सरोज, सन्तोष यादव आदि प्रमुख रहे।
स्वागत करने वालों में पूर्व प्रधान पांचू सरोज तथा कालिका प्रसाद ने कहा कि सतिराम जी काफी लोकप्रिय और मिलनसार व्यक्तित्व के हैं। सतिराम जी ने पहले भगरी गांव के प्रधान रहते हुए समाजसेवा किया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सतिराम जी ने बताया कि मुंबई प्रदेश अध्यक्ष अबू आसीम आजमी ने जिस विश्वास से यह जिम्मेदारी दिया है। मैं हमेशा पार्टी तथा प्रदेश अध्यक्ष के आदेशों का पालन करते हुए उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। जनता के लिए काम करूंगा। जब उनसे ऑटो एवं टैक्सी ड्राइवरों को मराठी न आने पर उनके परमिट एवं लाइसेंस रद्द किये जाने की बात पूछी गयी तो उन्होंने कहा कि मराठी एक स्थानीय भाषा है। मैं भी उसका सम्मान करता हूं लेकिन सरकार ने एकाएक आदेश जारी किया जो गलत है।उन्होंने कहा कि चालकों को कम से कम 6 महीने का समय देना चाहिए था, ताकि वह मराठी भाषा सीख सकें। उनके लिये क्लासेस भी चलवाना चाहिए था। इस तरह करने से लाखों गरीब ऑटो चालक और टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी चली जाएगी। उनका परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएगा। अगर सरकार उन लोगों को मराठी सीखने के लिए समय नहीं देती तो हाई कमान के निर्देशों का पालन करते हुए हम लोग इसका विरोध करेंगे।स्वागत करने वालों में मुनिल यादव, रामधारी यादव, रमेश यादव, कालिका प्रसाद, महेन्द्र यादव, अरुण यादव, गुड्डू यादव, अशोक कुमार, सुदीप सरोज, सन्तोष यादव आदि प्रमुख रहे।