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Mirzapur: पुलिस ने जलते गेहूं को बुझाया,पेश की इंसानियत की मिसाल।

इंद्रा एक्सप्रेस नेटवर्क 

मीरजापुर। जिले के मड़िहान तहसील क्षेत्र का हिनौता गांव बुधवार की देर रात एक बजे जब गहरी नींद में था, तभी अचानक बटाईदार के खेत में खड़ी गेहूं की फसल अबूझ हाल में जलने लगी। इसी बीच, गश्त पर निकली मड़िहान पुलिस टीम की नजर इस भयावह आग पर पड़ी। हालात की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मी पंकज यादव और होमगार्ड महेंद्र पाण्डेय बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंच गए। मानवता और कर्तव्य का अनोखा उदाहरण पेश करते हुए ग्रामीणों के साथ हरी डालियों से आग को पीटना शुरू किया। बस एक ही लक्ष्य था, किसी भी कीमत पर आग को बुझाना। उनके साहस, सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डायल 101नंबर पर अग्निशमन विभाग को आग लगने की सूचना को ड्यूटी पर तैनात सिपाही रिसीव किया लेकिन इसके बावजूद फोन काट दिया, और दुबारा फोन रिसिव नहीं हुआ।हलाकि हिनौता गांव निवासी विजय यादव की बंटाई पर बोई गई आठ बीघे में लगभग सात बीघे गेहूं की फसल जलने से बच गई। यह फसल उनके परिवार की उम्मीद और गुजर-बसर का सहारा थी। जब आग पूरी तरह बुझ गई, तब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने पुलिस की इस तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की खुलकर सराहना की।पूरे गांव क्षेत्र में चर्चा है कि अगर पुलिस समय पर न पहुंचती, तो कई बीघा फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो जाती और किसान का पूरा साल अंधकार में डूब जाता।यह घटना न सिर्फ पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि जब इंसानियत और कर्तव्य साथ चलते हैं, तो बड़ी से बड़ी आपदा को भी टाला जा सकता है।